भारत में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं की संख्या जहां हर महीने दस लाख की दर से बढ़ रही है, वहीं देश में कई नियोक्ताओं को प्रतिभाशाली लोगों की कमी की शिकायत है.

यह बात वैश्विक स्टाफिंग सुविधा मुहैया कराने वाली कंपनी मैनपॉवर ग्रुप के सर्वे में सामने आई है, जिसमें कहा गया कि भारत में 48 फीसदी नियोक्ताओं ने टैलेंट की कमी की वजह से रिक्तियों (वेकेंसी) को पूरा करने में मुश्किल की शिकायत की है.

मैनपॉवरग्रुप इंडिया समूह प्रबंध निदेशक एजी राव कहते हैं, ‘भारत में आईटी, अकाउंटिंग और फाइनैंस क्षेत्र में प्रतिभा की सबसे ज्यादा कमी है.’ उन्होंने एनडीटीवी प्रॉफिट से कहा, ‘देश में जॉब पूल में शामिल होने वाले लोगों की संख्या काफी है. लेकिन जिस तरह से वित्तीय प्रणाली बदल रही है और इंडस्ट्री में नई टेक्नोलॉजी अपनाई जा रही है, लोगों को उसके लिए जरूरी स्किल हासिल करनी चाहिए.’ वह साथ ही कहते हैं कि व्यापार का तरीका जिस तरह और रफ्तार से बदल रहा है, उससे प्रतिभाशाली लोगों की कमी देखने को मिल रही है. राव कहते हैं कि इसे देखते हुए भारत में कई कंपनियां कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की सोच रहे हैं, लेकिन इसमें अभी काफी वक्त लगना है.

मैनपॉवरग्रुप के 11वें वार्षिक टैलेंट शॉर्टेज सर्वे में 43 देशों के 42,300 से अधिक नियोक्ता शामिल हुए थे. सर्वे के मुताबिक, भारत में कंपनियों को इन क्षेत्रों में प्रतिभा की कमी से जूझ रही हैं, जिसमें आप खुद को मांझ कर नए अवसरों के तैयार कर सकते हैं.

1) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)

2) अकाउंट और फाइनैंस

3) प्रोजेक्ट मैनेजर्स

4) सेल्स मैनेजर्स

5) ग्राहक सेवा प्रतिनिधि और ग्राहक सहायता

6) टेकनीशियन

7) क्वालिटी कंट्रोल

8) परचेज विभाग