नई दिल्ली। आज देश में बड़ी संख्या में युवा शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने का बाद भी नौकरियों से वंचिंत हैं। कई जानकारों का मानना है कि मार्गदर्शन के अभाव में युवा कम नौकरियों की संभावना वाले कोर्स कर लेते हैं। इससे उन्हें नौकरी पाने में परेशानी होती है। आज हम आपको एक ऐसे ही कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे करने का बाद आपकी नौकरी की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। तो आइए जानते हैं इस कोर्स के बारे में…

 

12वीं के बाद ही करें यह कोर्स

आज हमारा देश विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है। आज के खानपान, प्राकृतिक असंतुलन और पर्यावरण प्रदूषण के कारण मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इस कारण स्वास्थ्य क्षेत्र में विशेषज्ञों की मांग बढ़ रही है। मरीजों के उपचार में डॉक्टरों के साथ-साथ फार्मासिस्टों का भी अहम योगदान है। यह फार्मासिस्ट गुणवत्तापूर्ण दवाइयों का निर्माण, उनका रिएक्शन और दवाइयों के मरीजों पर प्रभाव की जानकारी देते हैं। इस कारण प्राइवेट सेक्टर से साथ-साथ सरकारी क्षेत्र में भी फार्मासिस्टों की मांग बनी रहती है।

 

ये होनी चाहिए योग्यता

एक फार्मासिस्ट बनने के लिए 12वीं में जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिकी विज्ञान में 50 प्रतिशन अंक होने चाहिए। इसके बाद फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त संस्थान में बैचलर इन फार्मेसी कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। प्रत्येक संस्थान में प्रवेश के लिए अलग-अलग प्रक्रिया है। यह कोर्स चार साल का होता है। बैचलर इन फार्मेसी करने के बाद आप दो साल का मास्टर इन फार्मेसी कोर्स भी कर सकते हैं। कोर्स के दौरान आपको दवा निर्माण के संयंत्र, दवाइयों के मॉलिक्यूलर स्ट्रक्चर और कॉम्बिनेशन, दवा निर्माण की तकनीक और तरीका, दवा परीक्षण, दवा परीक्षण संबंधी कानूनों के बारे में जानकारी दी जाती है।